गुरुवार, 6 अगस्त 2020

कइसे होई गंगा पार

जिनिगी भर बस पाप कमइला 
कइसे करबा गंगा पार 

जुलुम सहे के आदत सभके 
के थामी हाथे हथियार 

केहू नाही बनी सहाई 
बुझबा जब खुद के लाचार 

काम न करबा घिसुआ जइसे 
कहबा गंदा हव संसार 

गैर क बिटिया बहू निहारल 
हवे डुबावल धरम अपार 

जइसन करबा ओइसन भरबा 
करनी हव फल कै आधार 

पढ़ल कुबुद्धी के समझावल 
भीत से फोरल हवे कपार 

आशीष यादव

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