खुलके बोलूँगा गलत है हुक्मरानी आपकी
शाह होंगे जाइए हमने न मानी आपकी
आप उहदेदार हैं तो हद में रह कर बोलिए
आपको महँगी पड़ेगी बदजबानी आपकी
कितने चेहरे खिल उठे हैं आपके दीदार से
रब सदा महफूज रक्खे यह जवानी आपकी
जान की बाजी लगा दी देश हित मे आपने
गीत बनकर गाई जाएगी कहानी आपकी
हो जहाँ पर खूँ पसीने की जरूरत मेह्रबाँ
काम आएगी भला क्या यह फुटानी आपकी
ऐ मेरे मालिक ये दुनिया क्या बिगाड़ेगी भला
जिसके ऊपर दो घड़ी हो मेह्रबानी आपकी
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