बुधवार, 11 मार्च 2026

वो मेरी है लेकिन उस पर रत्ती भर अधिकार नहीं है

 एक बढ़िया सी नाव समंदर में है पर पतवार नहीं है 

मेरी ही छुट्टी पर मेरा रत्ती भर अधिकार नहीं है 


साहब जी की संडे, GH को ऑफिस की बंदी है 

तुम क्या जानो, अपनी खातिर हफ्ते में इतवार नहीं है 


हम छुट्टी मांगें तो साहब धमकी देकर कहते हैं 

छुट्टी वैलफेयर है सुन लो, यह कोई अधिकार नहीं है 


उनकी चाहत, चौबीस घंटे उनको लोग सलामी ठोकें 

लेकिन उनका इसके लायक बिल्कुल भी व्यवहार नहीं है 


सबके खातिर ईद दिवाली होली क्रिसमस कितने हैं 

एक हम हैं कि अपने खातिर कौई भी त्यौहार नहीं है 


अपना घर है, घर में बीबी बच्चे हैं, मां बापू हैं 

लेकिन सच पूछो तो अपना कोई भी घर बार नहीं है 


आशीष यादव

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