मां की थपकी लोरी बापू के नजराने याद आये|
जब मै उनसे दूर हुआ अनमोल खजाने याद आये||
तुमको देखा, सुर्ख लबों को, इन आंखों को देखा तो|साकी याद आया, सारे प्याले मयखाने याद आये||
बाहों में बाहें डाले जब उन जोड़ो को देखा तो|
तुम याद आये और तुम्हारे साथ जमाने याद आये||
हँसना इठलाना रुक जाना मुस्काना फिर चल देना|
इसको देखा तो उसके अन्दाज पुराने याद आये||
बातों पर लड़ना मिट जाना बात जबाँ की रख लेना|
उस बूढे बरगद को देखा लोग पुराने याद आये||
बाहों में बाहें डाले जब उन जोड़ो को देखा तो|
तुम याद आये और तुम्हारे साथ जमाने याद आये||
हँसना इठलाना रुक जाना मुस्काना फिर चल देना|
इसको देखा तो उसके अन्दाज पुराने याद आये||
बातों पर लड़ना मिट जाना बात जबाँ की रख लेना|
उस बूढे बरगद को देखा लोग पुराने याद आये||
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