वो कौन है,
अतीत जैसा पास है,
या कि मेरा आज है,
व आगे का एहसास है|
मैं फंसा इन उलझनों में, सोचता,
वो कौन है|
जो गा सकूँ वो गान है,
कि मिला सकूँ वो तान है,
या कि मेरा सम्मान है|
ये सुलझ जाए पहेली, जान लूँ,
वो कौन है|
मधुरव भरा वो साज है,
या कि नवोढ़ा लाज है,
मेरे लिए क्यूँ राज है?
एक रूप सदिश बने तब, कह सकूँ,
वो कौन है|
गुल है वो कि बाग़ है,
धुन कोई या राग है,
या ओस है कि आग है|
सुन्घू कि गाऊं या जलूं, अज्ञात कि,
वो कौन है|
its a better one sir, ummid hai ki aur bhi achchhi chije padhne ko aap se milengi.
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